एलआईसी पॉलिसी के समस्त भुगतान पायें NEFT से सीधे अपने खाते में

एलआईसी पॉलिसी के समस्त भुगतान पायें NEFT से सीधे अपने खाते में

जीवन बीमा

रतीय जीवन बीमा निगम अब अपने समस्त पॉलिसी भुगतान NEFT भुगतान पद्धति के माध्यम से करने लगा है। आपकी पॉलिसी के अंतर्गत होने वाले सभी भुगतान NEFT के माध्यम से सीधे आपके बैंक खाते मे पहुंच जायेंगे। इसके लिये आपको अपने बैंक खाते की जानकारी एलआईसी को देनी होगी ताकि NEFT के द्वारा आपको भुगतान प्राप्त हो सके। NEFT के बारे मे जानकारी नीचे बतायी गयी है।  आपको बस NEFT  का फॉर्म अपने निरस्त किये हुये चेक (जिस पर आपका नाम, खाता नम्बर एवं आईएफएस कोड लिखा हो) या बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति (जिस पर आपका नाम, खाता नम्बर एवं आईएफएस कोड लिखा हो) अपनी शाखा ने जमा करना है। यह एक अहम प्रक्रिया है जिसे करना आवश्यक है क्युंकि भारतीय जीवन बीमा निगम ने अब चेक के माध्यम से भुगतान करना बन्द कर दिया है।

NEFT क्या है?

यह एक ऐसी राष्ट्रव्यापी व्यवस्था है जिसमें इलेक्ट्रोनिक माध्यम से एक बैंक खाते से दुसरे बैंक खाते में पैसा भेजा जाता है। NEFT का संचालन भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा किया जाता है। अभी तक पूरे भारत में लगभग 74000 बैंक NEFT के माध्यम से पैसा हस्तांतरित करते है। आप भारतीय रिज़र्व बैंक की वेब साइट से NEFT के बारे में और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

NEFT

एलआईसी के पॉलिसी धारकों को NEFT सुविधा से लाभ

  1. बीमा धारक/ दावेदार को नियत तिथि पर सीधे उसके खाते में भुगतान प्राप्त हो जाता है, चाहे बैंक खाता देश में कहीं भी हो।
  2. NEFT तेज और सुरक्षित भुगतान सुनिश्चित करता है।
  3. बीमा धारक/ दावेदार को इस सुविधा के लिये किसी भी तरह का अतरिक्त चार्ज नहीं देना होता है।
  4. NEFT के माध्यम से भुगतान होने पर बीमा धारक/ दावेदार को एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से जानकारी दी जाती है (अगर मोबाईल नं. और ई-मेल आईडी रजिस्टर्ड हैं तो)।
  5. भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा NEFT माध्यम से किये गये हर भुगतान पर एक  UTR(Unique Transaction Reference) नम्बर बनता है। भुगतान मे अगर किसी भी तरह की अगर गडबडी हो जाती है तो बीमा धारक/ दावेदार UTR नम्बर द्वारा बैंक से भुगतान संबंधी सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बीमा धारकों/ दावेदारों के अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  1. मेंडेट फॉर्म मे सभी जानकारी सही सही भरना आवश्यक है। एक मेंडेट फॉर्म में आप अपनी 6 पॉलिसीयों में बैंक खाते की जानकारी जुडवा सकते हैं।
  2. पूर्ण और सही भरे हुये मेंडेट फॉर्म  को किसी भी शाखा में जमा करा सकते हैं, जहाँ बीमा धारक की कम से कम एक पॉलिसी चल रही हो।
  3. मेंडेट फॉर्म के साथ अपने निरस्त किये हुये चेक (जिस पर आपका नाम, खाता नम्बर एवं आईएफएस कोड लिखा हो) या बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति (जिस पर आपका नाम, खाता नम्बर एवं आईएफएस कोड लिखा हो) जमा कराना आवश्यक है।
  4. हितलाभ मिलने की नियत तिथि से 2 दिन के अन्दर अगर भुगतान प्राप्त ना हो तो, तुरंत शाखा में सम्पर्क करें जहाँ NEFT मेंडेट फॉर्म किया गया हो।
  5. भुगतान मिलने की तिथि पर पॉलिसी धारक का खाता चालु होना आवश्यक है।
  6. मेंडेट फॉर्म  जमा करने से पहले पॉलिसी धारक  यह सुनिश्चित कर लें किस उनका खाता जिस बैंक में है उसमें NEFT  की सुविधा उपलब्ध है।
  7. बीमा धारक/ दावेदार का नाम पॉलिसी और बैंक खाते मे एक सा होना चहिये.
  8. भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा NRI खातों मे भुगतान अभी नही किया जा रहा है, इसलिये NRI खाता नहीं दें।
  9. नये खाते में भुगतान प्राप्त करने के लिये नया मेंडेट फॉर्म  जमा करें।

मेंडेट फॉर्म  डाउनलोड करने के लिये यह

एलआईसी की नयी योजना जीवन रक्षक (प्लान न. 827)

एलआईसी की नयी योजना जीवन रक्षक (प्लान न. 827)

जीवन बीमा
एलआईसी का जीवन रक्षक (Jeevan Rakshak) प्लान एक ऐसा नॉन-लिंक, सहभागिता प्लान है जो सुरक्षा और बचत का समायोजन प्रदान करता है. यह प्लान परिपक्वता से पहले पॉलिसीधारक की किसी भी समय दु:खद मृत्यु हो जाने पर परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करता है और जीवित पॉलिसीधारक को परिपक्वता के समय एकमुश्त राशि प्रदान करता है. यह प्लान, अपनी ऋण सुविधा के माध्यम से तरलता आवश्यकताओं का भी ध्यान रखता है.

जीवन रक्षक में (Jeevan Rakshak) हितलाभ:

  • मृत्यु हितलाभ:
    यदि सभी देय प्रीमियम का भुगतान कर दिया गया हो तो पॉलिसी अवधि के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में,”मृत्यु होने पर मिलने वाली बीमा राशि” निम्न में से जो अधिकतम होगा, वही देय होगी

    1. मूल बीमा राशि या
    2. वार्षिकीकृत प्रीमियम का 10 गुना या
    3. मृत्यु तिथि तक चुकाए गए सभी प्रीमियम का 105%.

    उपरोक्त निर्दिष्ट प्रीमियम में सेवा कर, अतिरिक्त प्रीमियम और दु्र्घटना हितलाभ राइडर प्रीमियम, यदि कोई हो, तो वह शामिल नहीं है.
    उपरोक्त के अतिरिक्त, यदि मृत्यु पाँचवा पॉलिसी वर्ष पूर्ण होने पर होती है, तो सहभागिता लाभ, यदि कोई हो, तो वह भी देय होगा.

  • परिपक्वता लाभ:
    मूल बीमा राशि के साथ सहभागिता हितलाभ, यदि कोई हो, तो जीवित रहने पर पॉलिसी अवधि की समाप्ति पर देय होगा, बशर्ते सभी देय प्रीमियम का भुगतान किया गया हो.
  • लाभ में सहभागिता:
    बशर्ते कि पॉलिसी चालू हो, निगम के अनुभव के आाधार पर, इस प्लान के अंतर्गत शामिल पॉलिसी, सहभागिता लाभ के योग्य होगी. सहभागिता लाभ, यदि कोई हो, तो वह पाँचवा पॉलिसी-वर्ष पूर्ण होने पर मृत्यु हो जाने या पॉलिसीधारक के परिपक्वता अवधि तक जीवित रहने पर, निगम द्वारा घोषित की जाने वाली संभावित दरों एवं शर्तों पर देय होता है.

Eligibility conditions for Jeevan Rakshak (Plan No. 827)

जीवन रक्षक में (Jeevan Rakshak) वैकल्पिक हितलाभ:

एलआईसी का दुर्घटना हितलाभ राइडर: दुर्घटना हितलाभ राइडर, अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करने पर वैकल्पिक राइडर के रूप में उपलब्ध है. दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में, मूल प्लान के अंतर्गत दुर्घटना हितलाभ बीमा राशि का भुगतान एकमुश्त राशि के रूप में मृत्यु हितलाभ के साथ किया जाएगा

प्रीमियम का भुगतान:

पॉलिसी अवधि पूरी होने तक प्रीमियम का भुगतान नियमित रूप से वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक या मासिक (केवल ईसीएस विधि के द्वारा) मोड या वेतन कटौतियों के माध्यम से किया जा सकता है. हालांकि, वार्षिक, अर्द्ध-वार्षिक या तिमाही प्रीमियम भुगतान के लिए एक माह लेकिन कम-से-कम 30 दिनों की और मासिक प्रीमियमों के लिए 15 दिन की रियायती अवधि दी जाएगी.

प्रकार एवं उच्च मूल बीमाकृत राशि छूटें:

प्रकार में छूट:

वार्षिक प्रकार                                    – तालिका प्रीमियम का 2%

अर्ध-वार्षिक प्रकार                            – तालिका प्रीमियम का 1%

त्रैमासिक एवं मासिक प्रकार              – कुछ नहीं

उच्च मूल बीमाकृत राशि छूट:

मूल बीमाकृत राशि                                      – छूट (रू)

75000 से 145000                                    – कुछ नहीं

150000 से एवं उससे अधिक                     – रू. 1.5 %0 बीमाकृत राशि

पॉलिसी ऋण:

पॉलिसी द्वारा अभ्यर्पण मूल्य प्राप्त लेने पर और उन नियमों और शर्तों के तहत जिन्हें निगम द्वारा समय-समय पर निर्दिष्ट किया जाता है, इस पॉलिसी के अंतर्गत ऋण का लाभ लिया जा सकता है.

जीवन रक्षक  (Jeevan Rakshak) में पुनर्चलन:

यदि प्रीमियम का भुगतान रियायती अवधि में नहीं किया गया, तो पॉलिसी कालातीत हो जाएगी. कालातीत पॉलिसी का पुनर्चलन पहले अदत्त प्रीमियम की देय तिथि और परिपक्व होने की तिथि, जो भी हो, से पहले 2 लगातार वर्षों की अवधि में भुगतान के समय निगम द्वारा निर्धारित दर पर ब्याज (चक्रवृद्धि अर्धवार्षिक) सहित प्रीमियम के सभी बकाया की अदायगी करके संतुष्टि के अनुरूप सतत बीमित बने रहने की योग्यता का प्रमाण प्रस्तुत करके किया जा सकता है.
यदि दुर्घटना हितलाभ राइडर के पुनर्चलन का विकल्प चुना गया हो, तो दुर्घटना हितलाभ राइडर, का पुनर्चलन मूल प्लान के साथ ही हो जाएगा और उसका पुनर्चलन अलग-से नहीं होगा.

अभ्यर्पण मूल्य:

पॉलिसी को नकद राशि के लिए अभ्यर्पित किया जा सकता है बशर्ते कम-से-कम तीन पूर्ण वार्षिक प्रीमियम का भुगतान किया गया हो. गारंटीकृत अभ्यर्पण मूल्य, कुल भुगतान किए गए प्रीमियम (सेवा कर घटाकर), अतिरिक्त प्रीमियम और राइडर हेतु प्रीमियम, यदि इसका विकल्प चुना गया हो, तो उसे छोड़कर, का प्रतिशत होगा. यह प्रतिशत पॉलिसी अवधि और उस पॉलिसी वर्ष पर निर्भर करेंगे जिसमें पॉलिसी अभ्यर्पित की जाती है, और इन्हें नीचे दिए गए अनुसार निर्दिष्ट किया गया है:
एलआईसी की नयी योजना जीवन लक्ष्य (प्लान न. 833)

एलआईसी की नयी योजना जीवन लक्ष्य (प्लान न. 833)

जीवन बीमा

एल आई सी का जीवन लक्ष्य (Jeevan Lakshya) एक लाभ सहित, गैर-संबद्ध (Non Linked) योजना है। जीवन लक्ष्य सुरक्षा और बचत, दोनों का संयोजन प्रदान करती है। यह योजना वार्षिक आय का लाभ प्रदान करती है, जो परिपक्वता से पहले किसी भी समय पॉलिसी धारक की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार की जरुरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है, प्राथमिक तौर पर बच्चों के लाभ के लिए और परिपक्वता के समय जीवित के जीवन यापन के लिए उसे एक मुश्त राशि प्रदान करती है। जीवन लक्ष्य में ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है।

To read this Article in English about jeevan lakshya Click Here

जीवन लक्ष्य (Jeevan Lakshya) के लाभ

मृत्यु लाभ: परिपक्वता की निर्धारित तिथि से पहले जीवन बीमित की मृत्यु होने पर “मृत्यु पर बीमित राशि” की राशि के रूप में परिभाषित मृत्यु लाभ, यदि कोई निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस और अंतिम अतिरिक्त बोनस हो, वह देय होगा, बशर्ते अघावधिक प्रीमियम का भुगतान कर पॉलिसी पूरी तरह लागू हो।

जहाँ “मृत्यु पर बीमित राशि” को निम्न के योग के रूप मे परिभाषित किया जाता है:

  • मूल बीमित राशि के 10% के बराबर वार्षिक आय लाभ, जो बीमित की मृत्यु तिथि के साथ आने वाली या उसके बाद की वर्षगाँठ से, परिपक्वता की तिथि के पहले पॉलिसी वर्षगाँठ तक देय होगी.
  • मूल बीमित राशि के 110% के बराबर बीमित समग्र राशि, जो परिपक्वता की नियत तिथि पर देय होगी; और

यदि कोई निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस और अंतिम बोनस हो, जो मृत्यु लाभ में शामिल है, परिपक्वता की तिथि पर देय होगा।

परिपक्वता लाभ: यदि कोई निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस और अंतिम बोनस हो, उस्के साथ मूल बीमित राशि के बराबर “परिपक्वता पर बीमित राशि”, पॉलिसी अवधि के अंत तक जीवित रहने पर एकमुश्त राशि के रूप में देय होगी, बशर्ते सभी प्रीमियमों का भुगतान किया गया हो।

वैकल्पिक लाभ:

पॉलिसीधारक के पास निम्नांकित राइडर लाभ (लाभों) को प्राप्त करने का एक विकल्प है:

  • एलाआईसी का दुर्घटना संबंधी मृत्यु और अपंगता लाभ राइडर (यूआईएन: 512बी209वी01)
  • एलाआईसी का नया सावधि बीमा राइडर (512बी210वी01)

राइडर बीमित राशि मूल बीमित राशि से अधिक नहीं हो सकती है।

Eligibility conditions for Jeevan Lakshya (Plan No. 833)

प्रीमियमों का भुगतान:

प्रीमियम भुगतान अवधि के दौरान प्रीमियम का भुगतान वार्षिक, अर्ध-वार्षिक, त्रैमासिक या मासिक अंतराल पर किया जा सकता है (ईसीएस के माध्यम से या वेतन कटौती के माध्यम से)। यघपि, वार्षिक, अर्ध-वार्षिक या त्रैमासिक प्रीमियमों के लिए एक माह, लेकिन 30 दिन से कम नहीं, और मासिक प्रीमियमों के लिए 15 दिनों की एक अनुग्रह अवधि (ग्रेस पीरियड) की अनुमति होगी।  Jeevan Lakshya

प्रकार एवं उच्च मूल बीमाकृत राशि छूटें:

प्रकार में छूट:

वार्षिक प्रकार                                    – तालिका प्रीमियम का 2%

अर्ध-वार्षिक प्रकार                            – तालिका प्रीमियम का 1%

त्रैमासिक एवं मासिक प्रकार              – कुछ नहीं

उच्च मूल बीमाकृत राशि छूट:

मूल बीमाकृत राशि                                      – छूट (रू)

100000 से 190000                                 – कुछ नहीं

200000 से 490000                                – 2 %0 बीमाकृत राशि (%0 – प्रति हजार)

500000 से एवं उससे अधिक                     – 3 %0 बीमाकृत राशि

पुनर्चलन (रिवाईवल):

यदि प्रीमियमों का भुगतान अनुग्रह अवधि (ग्रेस पीरियड) में नहीं किया जाता है, तो पॉलिसी कालातीत (लैप्स) हो जाती है। किसी कालातीत पॉलिसी को भुगतान न की गई पहली प्रीमियम की तिथि से 2 क्रमागत वर्षों की अवधि के भीतर भुगतान के समय पर निगम द्वारा निर्धारित दर के अनुसार ब्याज (चक्रवृद्धि अर्ध-वार्षिक) के साथ समस्त बकाया प्रीमियमों का भुगतान किया जा सकता है, जो निरंतर बीमा-योग्यता के संतोषप्रद साक्ष्य के जमा करने के अधीन है। Jeevan Lakshya

पॉलिसी ऋण:

पॉलिसी के अंतर्गत ऋण प्राप्त किया जा सकता है, बशर्ते पॉलिसी का कोई अभ्यर्पण मूल्य (सरेण्डर वेल्यू) हो एवं यह उन नियमों व शर्तों के अधीन है, जो निगम समय – समयम पर निर्दिष्ट कर सकता है|  Jeevan Lakshya

जीवन लक्ष्य (Jeevan Lakshya) प्लान का प्रेसेनटेशन देखने के लिये यहाँ क्लिक करें

भारतीय जीवन बीमा निगम की पॉलिसियों में 2015-16 के लिये बोनस दर घोषित

भारतीय जीवन बीमा निगम की पॉलिसियों में 2015-16 के लिये बोनस दर घोषित

जीवन बीमा

भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा अपनी सभी लाभ सहित पॉलिसियों में मिलने वाले बोनस की घोषणा माह अगस्त 2015 मे कर दी है। हर साल भारतीय जीवन बीमा निगम का बीमांकन विभाग मुल्यांकन के पश्चात बोनस रेट घोषित करता है। ये बोनस उन सभी लाभ सहित पॉलिसियों पर लागु होगा जो मुल्यांकन अवधि (01/04/2014 से 31/03/2015) में आने वाले पॉलिसी वर्ष में प्रवेश कर चुकि हों, और दिनाँक  31/03/2015 को पूर्ण बीमाधन के लिये चालु हों। यह बोनस रेट दिनाँक 01/01/2016 को या उसके बाद समस्त पॉलिसियों पर लागु होगा जिनमें मृत्यू दावा, परिपक्वता दावा (परिपक्वता दिनाँक के 1 वर्ष के अन्दर बन्द की गयी पॉलिसीयों पर भी लागु) प्रस्तुत किया गया हो या अभ्यर्पित की गयी हो। Continue reading “भारतीय जीवन बीमा निगम की पॉलिसियों में 2015-16 के लिये बोनस दर घोषित”

बीमा कंपनी नहीं दे रही हो क्लेम, तो ये हैं कुछ उपाय जो करेंगे आपकी मदद

बीमा कंपनी नहीं दे रही हो क्लेम, तो ये हैं कुछ उपाय जो करेंगे आपकी मदद

जीवन बीमा, सामान्य बीमा

बीमा कंपनी के ग्रीवांस ऑफिसर से करें शिकायत

ऐसी घटनाएं नई नहीं हैं। कई बार बीमा कंपनियां या इनके ब्रोकर/कॉरपोरेट एजेंट किसी क्लेम को पूरा करने में टालमटोल करते हैं। जहां पॉलिसी होल्डर की शिकायत के पीछे अपनी वजहें होती हैं, वहीं बीमा कंपनियां भी क्लेम खारिज करने के पीछे अपने कारण बताती हैं।
कारण चाहे जो भी हो, एक बीमाधारक के रूप में अगर आप किसी बीमा कंपनी से नाखुश हैं, तो आप उसके ग्रीवांस ऑफिसर से संपर्क कर सकते हैं। आप अपनी शिकायत लिखित में दें और इसके साथ जरूरी दस्तावेज भी दें। आप अपनी शिकायत दर्ज कराने की एक्नोलेजमेंट लिखित में लें।

अगर यहां न बने बात, तो इरडा से करें शिकायत

कायदन बीमा कंपनी को शिकायत दर्ज करने के 15 दिनों के भीतर इसका निबटारा कर देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता या फिर आप कंपनी की ओर से किए गए निबटारे से असंतुष्ट हैं, तो बीमा नियामक इरडा के कंज्यूमर एफेयर्स डिपार्टमेंट के ग्रीवांस रिड्रेसल सेल से संपर्क करें। इसके लिए टॉल फ्री नंबर 155255 या फिर 1800 4254 732 पर संपर्क करें। आप इन्हें complaints@irda.gov.in पर ईमेल भी भेज सकते हैं।
इसके अलावा आप इंटिग्रेटेड ग्रीवांस मैनेजमेंट सिस्टम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए  www.igms.irda.gov.in पर रजिस्टर करें और अपनी शिकायत पर हो रही कार्रवाई को मॉनिटर करें।

कैसे मिलेगा कम्प्लेन्ट रजिस्ट्रेशन फॉर्म 

अगर आप कम्प्लेन्ट रजिस्ट्रेशन फॉर्म को लेकर परेशान हो रहे हैं तो इसे बड़ी आसानी से डाउनलोड कीजिए जा सकता है। इस लिंक पर क्लिक करके इसे डाउनलोड कर सकते हैं-
http://www.policyholder.gov.in/uploads/CEDocuments/complaintform.pdf
इस फॉर्म को भर कर आप इरडा को अपनी शिकायत साधारण डाक या कुरियर से इस पते पर भेज सकते हैं-
कंज्यूमर एफेयर्स डिपार्टमेंट
इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी
3-5-817/818, यूनाइटेड इंडिया टावर्स, नाइन्थ फ्लोर हैदरगुडा, बशीरबाग हैदराबाद- 500029
Source:
http://m.money.bhaskar.com/news/insurance/8740/PERS-INSU-how-to-make-a-complaint-if-you-are-unhappy-with-insurer-4750038-NOR.html?pg=1
भारतीय जीवन बीमा निगम का जीवन तरुण प्लान-प्रेसेंटेशन

भारतीय जीवन बीमा निगम का जीवन तरुण प्लान-प्रेसेंटेशन

जीवन बीमा

ज़ीवन तरुण (Jeevan Tarun) भारतीय जीवन बीमा निगम का एक नॉन लिंक्ड, लाभ सहित, सीमित अवधि प्रीमियम भुगतान योजना है। बच्चे के 20 वर्ष का होने तक प्रीमियन का भुगतान एवं 25 वर्ष का होने पर परिपक्वता राशि का भुगतान। बच्चों की शैक्षिक एवं अन्य जरुरतों के अनुसार बनायी गयी योजना। लचीला प्लान – प्रस्ताव स्तर पर बच्चे की जरुरतों के अनुसार मनी बैक का प्रतिशत या बन्दोबस्ती योजना चुनने की सुविधा। Jeevan Tarun, Jeevan Tarun Continue reading “भारतीय जीवन बीमा निगम का जीवन तरुण प्लान-प्रेसेंटेशन”