भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा 04/01/2018 को वित्तीय वर्ष 2016-2017 की वार्षिक रिपोर्ट जारी कर दी गई है। इस में रिपोर्ट वैश्विक परिवेश से जुड़ी जानकारी, विनियामक द्वारा जारी दिशा निर्देश एवं बीमा क्षेत्र से संबंधित एवं बीमा क्षेत्र को प्रभावित करने वाले सभी आकड़े होते हैं।

इन्ही आकड़ों मे वित्तीय वर्ष 2016-2017 में समस्त जीवन बीमा कम्पनियों द्वारा निपटान किये गये वैयक्तिक मृत्यु दावों के बारे में विस्तृत जानकारी भी होती है साथ ही बीमा कम्पनियों का क्लेम सेटलमेंट अनुपात भी होता है।  यह जानकारी बीमा लेते समय जीवन बीमा कम्पनियों को चुनने में काफी हद तक सहायक होती है।

क्या होता है क्लेम सेटलमेंट अनुपात?

बीमा कम्पनियों द्वारा एक वित्तीय वर्ष में पिछले वित्तीय वर्ष के लंबित दावों एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में सुचित दावों में से भुगतान किये गये दावों का प्रतिशत ही क्लेम सेटलमेंट अनुपात कहलाता है।

क्लेम सेटलमेंट अनुपात-1

क्लेम सेटलमेंट अनुपात को प्रतिशत के रूप मे दर्शाया जाता है। अधिक प्रतिशत का अभिप्राय है कि वित्तीय वर्ष में बीमा कम्पनी द्वारा कुल लंबित एवं सुचित दावों मे से ज्यादा दावों का भुगतान किया गया।

वित्तीय वर्ष 2016-2017 में बीमा उघोग का मृत्यु दावों का  कुल क्लेम सेटलमेंट अनुपात 97.74% रहा, अर्थात हर 10000 क्लेम्स में से 9774 मृत्यु दावों का भुगतान किया गया। सार्वजनिक उपक्रम की कम्पनी भारतीय जीवन बीमा निगम का क्लेम सेटलमेंट अनुपात 98.31% रहा। जीवन बीमा क्षेत्र की अन्य 23 प्राइवेट बीमा कम्पनियों का कुल क्लेम सेटलमेंट अनुपात 93.% रहा।72

वर्ष 2016-2017 के क्लेम सेटलमेंट अनुपात पर एक नजर

वित्तीय वर्ष 2016-2017  के क्लेम सेटलमेंट अनुपात के आकड़े नीचे दिये गये हैं:

क्लेम सेटलमेंट अनुपात-2

बीमा विनियामक द्वारा जारी वैयक्तिक मृत्यु दावों के आकड़ों के अनुसार सबसे अधिक क्लेम सेटलमेंट अनुपात (संख्या के आधार पर)भारतीय जीवन बीमा निगम का 98.31% रहा, उसके उपरांत टॉप 5 बीमा कम्पनियों में मैक्स लाइफ, एचडीएफसी स्टैंडर्ड, एइगॉन रेलिगेर एवं एसबीआई लाइफ रहीं जिनका क्लेम सेटलमेंट अनुपात क्रमश: 97.81%, 97.62%, 97.11% एवं 96.69% रहा। भुगतान की गयी राशि के अनुसार टॉप 5 में  भारतीय जीवन बीमा निगम, मैक्स लाइफ, एइगॉन रेलिगेर, केनरा एचएसबीसी ओबीसी एवं एक्साएड लाइफ रहे जिनका अनुपात क्रमश: 95.72%, 94.21%, 94.06%, 94.04% एवं 91.16% रहा।

क्लेम सेटलमेंट अनुपात-3

बीमा कम्पनियों द्वारा अस्वीकृत मृत्यु दावों का प्रतिशत

बीमा कम्पनियों द्वारा भुगतान किये गये दावों के पश्चात जो शेष दावे होते हैं वे बीमा कम्पनी द्वारा अस्वीकृत दावें , लंबित दावें एवं प्रतिलिखित दावे होते हैं। इस वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक अस्वीकृत दावों का प्रतिशत श्रीराम कम्पनी का 26.45% रहा एवं सबसे कम एलआईसी का 0.97% रहा।

बीमा कम्पनियों द्वारा अस्वीकृत मृत्यु दावों का प्रतिशत

 निष्कर्ष

बीमा कम्पनियों का क्लेम सेटलमेंट अनुपात एक बहुत ही महत्वपूर्ण किंतु विस्तृत जानकारी होती है। यह अनुपात आपको एक अच्छी बीमा कम्पनी चुनने मे महत्वपूर्ण हो सकता है, किंतु सिर्फ क्लेम सेटलमेंट अनुपात के आधार पर एक बीमा कम्पनी चुनना भी गलत साबित हो सकता है। अत: बीमा कम्पनी चुनते वक्त क्लेम सेटलमेंट अनुपात के अलावा बीमा कम्पनी के बारे में निम्न जानकारियों को भी जांचा जाना अत्यंत मगत्वपूर्ण है:

  1. बीमा कम्पनी का अनुभव
  2. बीमा कम्पनी की पहुंच
  3. बीमा कम्पनी की सेवा गुणवत्ता
  4. बीमा कम्पनी द्वारा जारी बीमा प्लान
  5. बीमा कम्पनी द्वारा जारी बोनस (पारंपरिक बीमा प्लान में) एवं एनएवी (युलिप बीमा प्लान में) की स्थिति एवं बढत
  6. बीमा कम्पनी से सम्पर्क की सरलता

इसके अलावा बीमा प्रस्तावक अपनी जरुरत के अनुसार बीमा प्लान एवं बीमा कम्पनी चुन सकता है।


भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण की वर्ष 2016-2017 की वार्षिक रिपोर्ट


Insurance Regulatory and Development Authority of India Annual Report 2016-2017

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