भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा दिनाँक 14/11/2017 को अपनी एक नयी स्वास्थय बीमा योजना केंसर कवर, प्लान न. 905 जारी की है। एलआईसी कैंसर कवर की युनिक पहचान संख्या 512N314V01 है।

यह एक नॉन लिंक्ड, नियमित प्रीमियम भुगतान स्वास्थ्य बीमा योजना है जो पॉलिसी अवधि के दौरान बीमा धारक को कैंसर के प्रथम चरण/मेजर स्टेज कैंसर के पता चलने पर एक निश्चित बीमा राशि का भुगतान करता है।

Read In English: LIC Cancer Cover (Plan No. 905 )

1. एलआईसी कैंसर कवर की पात्रता शर्तें एवं प्रतिबंध

एलआईसी केंसर कवर-पात्रता शर्तें एवं प्रतिबंध
एलआईसी कैंसर कवर-पात्रता शर्तें एवं प्रतिबंध

2. एलआईसी कैंसर कवर पॉलिसी में उपलब्ध बीमाधन के प्रकार

एलआईसी कैंसर कवर में दो प्रकार के बीमाधन का विकल्प हैं, जो प्रस्तावक द्वारा बीमा का प्रस्ताव करते समय ही चुनना है। प्रीमियम दर प्रस्तावक द्वारा चुने गए विकल्प पर निर्भर करेगी।

विकल्प-I: समान बीमाधन (Level Sum Insured)

मूल बीमाधन पॉलिसी अवधि के दौरान अपरिवर्तित रहेगा।

विकल्प-II:  बढ़ता बीमाधन (Increasing Sum Insured)

इस विकल्प में चुना हुआ बीमाधन मूल बीमाधन के 10% के बराबर प्रथम पॉलिसी वर्षगाँठ से हर वर्ष बढ़ेगा, अगले पाँच वर्षों तक या बीमाधारक को कैंसर के किसी भी चरण के पता चलने तक, जो भी पहले हो। पॉलिसी शर्तों मे अंकित कैंसर के प्रकारों में से किसी भी स्तर के कैंसर के पता चलने पर मिलने वाली दावा राशि बढ़े हुऐ बीमाधन के अनुसार होगी। बढ़ा हुआ बीमाधन कैंसर के पता चलने के साथ आने वाली पॉलिसी वर्षगाँठ या पिछली पॉलिसी वर्षगाँठ पर बढ़े हुऐ  बीमाधन के अनुसार होगा। कैंसर के पता चलने पर एलआईसी कैंसर कवर में बीमाधन की बढ़ोत्तरी बंद हो जायेगी।

3. एलआईसी कैंसर कवर में उपलब्ध हितलाभ

एलआईसी कैंसर कवर पॉलिसी में देय हितलाभ कैंसर के स्तर पर निर्भर करेगा बशर्ते कैंसर के पता चलने के समय  पॉलिसी पूर्ण रूप से चालू हो।

एलआईसी कैंसर कवर-हितलाभ

उपर दिये गये टेबल के अनुसार एलआईसी कैंसर कवर के लाभ का चित्रण नीचे दिया गया है:

एलआईसी-कैंसर-कवर-के-लाभ-का-चित्रँण-(प्रारंभिक-कैंस्रर-के-पता-चलने-पर)
एलआईसी-कैंसर-कवर-के-लाभ-का-चित्रँण-(प्रारंभिक-कैंस्रर-के-पता-चलने-पर)

 

एलआईसी-कैंसर-कवर-के-लाभ-का-चित्रँण-(मेजर-स्टेज-कैंस्रर-के-पता-चलने-पर)
एलआईसी-कैंसर-कवर-के-लाभ-का-चित्रँण-(मेजर-स्टेज-कैंस्रर-के-पता-चलने-पर)

परिपक्वता हितलाभ: एलआईसी कैंसर कवर मे कोई भी परिपक्वता हितलाभ देय नहीं है।

मृत्यु हितलाभ: एलआईसी कैंसर कवर मे कोई भी मृत्यु हितलाभ देय नहीं है।

4. प्रीमियम की समीक्षा:

प्रस्ताव पर गणना की गई प्रीमियम 5 साल तक अपरिवर्तित रहेगी। 5 साल के बाद एलआईसी पिछले पाँच वर्षों के दावों के अनुभव के आधार अनुसार प्रीमियम मे बदलाव ला सकता है। यदि प्रीमियम मे कोई बदलाव होता है तो यह अगले 5 वर्षों के लिए अपरिवर्तित रहेगा। (प्रीमियम में कोई भी संशोधन पॉलिसी के प्रारंभ होने की तारीख पर प्रस्तावक की प्रविष्टि आयु के अनुसार गणना की जाएगी)

5. एलआईसी कैंसर कवर के तहत कैंसर की सूची और परिभाषाएं:

एलआईसी कैंसर कवर योजना के अंतर्गत बीमित सभी स्टेज के कैंसरों को नीचे परिभाषित किया गया है। कोई भी दावा भुगतान इन परिभाषाओं और कैंसर स्टेज के रोग निर्धारण पर निर्भर करेगा

प्रारंभिक स्टेज का कैंसर:

नीचे सूचीबद्ध स्थिति में से किसी एक का रोग निर्धारण हास्टोलॉजिकल सबूत द्वारा स्थापित किया जाना चाहिए और प्रासंगिक क्षेत्र में एक विशेषज्ञ द्वारा इसकी पुष्टि की जानी चाहिए।

कार्सिनोमा-इन-सीटू (CIS):

कार्सिनोमा-इन-सीटू मतलब है घातक कैंसर की कोशिकाओं का समूह, जहां से वे पैदा हुई के भीतर ही रहती हैं। इसमें उपकला (एपिथीलियम) की पूरी मोटाई शामिल होना चाहिए, लेकिन तहखाने झिल्ली पार नहीं करनी चाहिए और यह आसपास के ऊतक या अंग पर आक्रमण नहीं करता है। जिनमें रोगनिर्धारण ऊतकों के सूक्ष्म परीक्षण द्वारा स्थापित किया जाना चाहिए।

प्रोस्टेट कैंसर – प्रारंभिक चरण:

शुरुआती प्रोस्टेट कैंसर, जिसे  हास्टोलॉजिकल टीएनएम वर्गीकरण का उपयोग कर  T1N0M0, ग्लीसन स्कोर (Gleason Score) 2(दो) से 6(छः) के रूप में वर्णित किया गया हो।

थायराइड कैंसर – प्रारंभिक चरण:

सभी थायराइड कैंसर, जो कि 2.0 सेमी से कम हैं और टीएनएम वर्गीकरण अनुसार T1N0M0 हास्टोलॉजिकली वर्गीकृत किया गया हो।

ब्लैडर कैंसर – प्रारंभिक चरण:

टीएनएम वर्गीकरण के अनुसार ब्लैडर के सभी ट्यूमर को हिस्टोगोनिक रूप से TaN0M0 के रूप में वर्गीकृत किया गया हो।

दीर्घकालिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया – प्रारंभिक चरण:

क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया को राइ वर्गीकरण के अनुसार चरण 0 (शून्य) से 2 (दो) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

सरवाइकल इंटेरेपेटीयलियल नेपलाशिया:

गंभीर सरवाइकल डिस्प्लासिआ कोन बायोप्सी द्वारा सरवाइकल इंटेरेपेटीयलियल नेपलाशिया 3 (CIN3) के रूप में रिपोर्ट किया गया हो।

मेजर स्टेज कैंसर:

एक घातक ट्यूमर अनियंत्रित वृद्धि और सामान्य ऊतकों पर आक्रमण और विनाश के साथ घातक कोशिकाओं के प्रसार के लक्षण हैं। यह रोग निर्धारण ऊतक विज्ञान के दुर्दमता साक्ष्य द्वारा समर्थित होना चाहिए। शब्द कैंसर में ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और सरकोमा शामिल हैं।

6. उपरोक्त उल्लिखित कैंसर के चरणों में अपवर्जन

निम्नलिखित प्रमुख चरण कैंसर लाभ (अपवर्जन) से बाहर रखा गया है:

प्रारंभिक स्टेज कैंसर में अपवर्जन:

निम्नलिखित सभी प्रारंभिक चरण के कैंसर लाभ से विशेष रूप से शामिल नही किए गए हैं:

  • सभी ट्यूमर जो हिस्टोलॉजिक रूप से सौम्य, सीमावर्ती घातक, या कम घातक क्षमता के रूप में वर्णित हैं
  • डिस्प्लाशिया, इंट्रा-एपीथेलियल नेपलाशिया या स्क्वैमस इंटेरेपीथेलियल घाव
  • त्वचा की कार्सिनोमा-सीटू और मेलेनोमा इन-सिटू
  • एचआईवी संक्रमण की उपस्थिति में सभी ट्यूमर को बाहर रखा जाता है

मेजर स्टेज कैंसर में अपवर्जन:

निम्नलिखित प्रमुख चरण कैंसर लाभ (अपवर्जन) से बाहर रखा गया है:

  • सभी ट्यूमर जिन्हें हिस्टोलॉजिक रूप से कैसिनोमा इन-सिटू, सौम्य, प्रीमाल्गेंगेंट, सीमावर्ती घातक, कम घातक क्षमता, अज्ञात व्यवहार की रसौली, या गैर-इनवेसिव शामिल हैं, लेकिन इन तक सीमित नहीं है: स्तनों में कैसिनोमा इन-सिटू, सरवाइकल डिसप्लेसिया सीआईएन -1, सीआईएन -2 और सीआईएन -3
  • कोई गैर मेलेनोमा त्वचा कार्सिनोमा जब तक कि 4 लिम्फ नोड्स या उससे अधिक तक मेटास्टेस का प्रमाण नहीं है;
  • घातक मेलेनोमा जिसे एपिडर्मिस से परे आक्रमण नहीं किया है;
  • प्रोस्टेट के सभी ट्यूमर, जब तक कि हिस्टोलॉजिक रूप से 6 से अधिक ग्लीसन स्कोर या कम से कम नैदानिक TNM वर्गीकरण में T2N0M0 वर्गीकृत नहीं किया जाता है
  • सभी थायराइड कैंसर जिन्हें हिस्टोलॉजिक रूप से T1N0M0 (टीएनएम वर्गीकरण) या नीचे के रूप में वर्गीकृत किया गया है;
  • दीर्घकालिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया जिसे राय चरण 3 से कम पर वर्गीकृत किया गया है;
  • मूत्राशय के गैर-इनवेसिव पैपिलरी कैंसर, जिसे हिस्टोलॉजिक रूप से TaN0M0 या कम वर्गीकरण के रूप में वर्णित किया गया है,
  • सभी गैस्ट्रो-इटीस्टाइनल स्ट्रॉबल ट्यूमर को हिस्टोलॉजिक रूप से T1N0M0 (टीएनएम वर्गीकरण) या नीचे और 5/50 एचपीएफ से कम या बराबर की माईटोटिक गणना (mitotic count) के साथ वर्गीकृत किया गया है;
  • एचआईवी संक्रमण की उपस्थिति में सभी ट्यूमर

7. एलआईसी कैंसर कवर में प्रतीक्षा अवधि:

पॉलिसी जारी करने या जोखिम कवर के पुनर्चलन की तिथि, जो भी बाद में हो से  “किसी भी स्टेज” के कैंसर के पहले रोग निरधारण तक , 180 दिनों की प्रतीक्षा अवधि लागू होगी। “किसी भी अवस्था” का मतलब है कि प्रतीक्षा अवधि के दौरान होने वाले सभी कैंसर के सभी चरण। इसका मतलब यह होगा कि एलआईसी कैंसर कवर के तहत 180 दिनों की प्रतीक्षा अवधि  के दौरान बीमाधारक को कैंसर की पुष्ठि होने पर कुछ भी नहीं चुकाया जाएगा और पॉलिसी समाप्त हो जाएगी:

  1. पॉलिसी जारी करने की तिथि पर या उसके बाद किसी भी समय, उस तिथि से 180 दिनों की समाप्ति से पहले; या
  2. पुनर्चलन की तारीख से 180 दिनों की समाप्ति से पहले

8. एलआईसी कैंसर कवर में उत्तर जीवन अवधि (Survival Period)

एलआईसी कैंसर कवर में  कुछ भी देय नही होगा यदि बीमित व्यक्ति की निश्चित प्रारंभिक स्टेज कैंसर या मेजर स्टेज कैंसर के रोग निर्धारण की तारीख से 7 दिनों की अवधि के भीतर मृत्यु हो जाती है। 7 दिन की जीवित रहने की अवधि में रोग निर्धारण की तारीख शामिल है। नीचे दिए गए सभी मानदंडों को पूरा करने पर ही इस योजना के तहत लाभ देय होगा:

  1. रोग निर्धारण की तारीख से 7 दिन की जीवित रहने की अवधि
  2. कैंसर से संबंधित लक्षण उपस्थित होना चाहिए और मृत्यु से पहले के सबंधित दस्तावेज होना चाहिए
  3. कैंसर की पुष्टि के लिए सभी जांच बीमाधारक की मृत्यु से पहले की होनी चाहिए
  4. पॉलिसी शर्तों के अनुसार कैंसर परिभाषित होना चाहिये

9. एलआईसी कैंसर कवर पॉलिसी की अन्य शर्तें एवं विशेषताएँ

  1. एलआईसी कैंसर कलेक्शन में प्रीमियम पर आयकर धारा 80D के तहत कर छूट
  2. पॉलिसीधारक पॉलिसी की “टर्म और कंडीशंस” से संतुष्ट नहीं होने पर 15 दिनों की फ्री लुक अवधि
  3. 1 महीने की ग्रेस अवधि, लेकिन 30 दिनों से कम नहीं है
  4. एलआईसी कैंसर कवर किसी भी पेड-अप वैल्यू या सरेंडर वैल्यू प्राप्त नहीं करेगा, इसलिए, इस पॉलिसी में कोई भी ऋण उपलब्ध नहीं है।
  5. ग्रेस अवधि के दौरान प्रीमियम जमा नही करने पर पॉलिसी लॅप्स हो जायेगी, हालांकि इसे पुन: चालू किया जा सकता है, लेकिन पॉलिसी को पहली अदत्त प्रीमियम (FUP) से 2 वर्षों के भीतर पूनर्चलित किया जा सकता है।
  6. एलआईसी कैंसर कवर पॉलिसी एलआईसी के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से खरीदी जा सकती है। एवं ऑंनलाईन क्रय पर प्रीमियम पर सरकार के निर्देशानुसार 7% की छूट उपलब्ध होगी।
  7. नियमों के अनुसार जीएसटी प्रीमियम पर लागू होगा
  8. दावा भुगतान निर्णय एलआईसी के दावा विभाग द्वारा लिया जाएगा (टीपीए शामिल नहीं है)
  9. बैकडिटिंग की अनुमति नहीं है
  10. बीमा अधिनियम 1938 की धारा 38 के अनुसार समानुदेशन किया जा सकता है
  11. बीमा अधिनियम 1938 की धारा 39 के अनुसार पॉलिसी में नामांकन आवश्यक है।

 

 

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