एलआईसी ने 19/12/2017 को अपनी एक नई बीमा योजना जीवन शिरोमणि (प्लान न. 847) शुरू करने की घोषणा की है। जीवन शिरोमणी एक नॉन लिंक्ड, लाभ सहित, सीमित प्रीमियम भुगतान अवधि वाली एक धन वापसी जीवन बीमा योजना। यह योजना विशेष रूप से उच्च निवल मालियत व्यक्‍ति (एचएनआई) के लिए बनाई गई है। यह योजना न केवल पॉलिसी अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की मृत्यु के मामले में परिवार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है, साथ ही पॉलिसी शर्तों के अनुसार किसी भी गंभीर बीमारी के रोग निरधारण पर एकमुश्त राशि का भुगतान भी प्रदान करती है।

Read in English: LIC’s New Plan Jeevan Shiromani (Plan No. 847)

जीवन शिरोमणि का लाभ चित्रण

एलआईसी की किसी भी अन्य नियमित योजना के अलग, इस योजना के पहले पांच पॉलिसी वर्ष में रु. 50 प्रति हजार बीमाधन एवं छठे वर्ष से प्रीमियम भुगतान अवधि के अंत तक रु. 55 प्रति हजार बीमाधन के बराबर गारंटी बोनस का प्रावधान है। जीवन शिरोमणि में पॉलिसी की परिपक्वता पर सहभागिता हितलाभ का भी प्रावधान है।

एलआईसी जीवन शिरोमणि  (प्लान न. 847) की युनिक पहचान संख्या 512N315V01 है।

1. जीवन शिरोमणि की पात्रता शर्तें एवं प्रतिबंध

जीवन शिरोमणि- पात्रता शर्तें एवं प्रतिबंध

1.1 प्रीमियम भुगतान विधि

जीवन शिरोमणि पॉलिसी में वार्षिक, अर्ध वार्षिक, तिमाही एवं मासिक प्रीमियम भुगतान किया जा सकता है। मासिक भुगतान विधि केवल NACH एवं वेतन बचत योजना द्वारा ही।

2. गारंटी बोनस एवं लाभ मे सहभागिता

जीवन शिरोमणि पॉलिसी में प्रीमियम देय अवधि तक नीचे वर्णित दर के अनुसार गारंटी  बोनस जुड़ेगा। अगर पॉलिसी चुकता मुल्य प्राप्त कर लेती है तो, आखरी प्रीमियम प्राप्त तिथि तक का ग़ारंटी बोनस जोड़ा जायेगा।  यदि एक वर्ष का पूरा प्रीमियम प्राप्त नहीं हुआ तो गारंटी बोनस उसी अनुपात में जोड़ दिया जाएगा।

अगर पॉलिसी 5 साल तक जारी रहती है और 5 साल का प्रीमियम पूरा होता है तो एलआईसी के अनुभव के अनुसार, जीवन शिरोमणी पॉलिसी मृत्यु दावे या परिपक्वता दावा भुगतान के साथ सहभागिता हितलाभ के लिये योग्य होगी।

जीवन शिरोमणि
जीवन शिरोमणि मे गारंटी बोनस की दर

3. जीवन शिरोमणि मे उपलब्ध लाभ

जीवन शिरोमणि मे निम्नलिखित हितलाभ उपलब्ध हैं:

3.1 मृत्यु लाभ

पॉलिसी के प्रथम पाँच वर्षों के दौरान मृत्यु होने की दशा में: “मृत्यु पर बीमाधन” एवं उपार्जित गारंटी बोनस देय होगा।

पाँच वर्ष के उपरांत परंतु परिपक्वता दिनाँक से पहले मृत्यु होने की दशा में: “मृत्यु पर बीमाधन”,  उपार्जित गारंटी बोनस एवं सहभागिता हितलाभ, अगर कोई है तो, देय होगा।

यहाँ “मृत्यु पर बीमाधन” निम्नानुसार परिभाषित है:

  1. वार्षिक प्रीमियम का दस गुना या
  2. मृत्यु पर भुगतान की जाने वाली निश्चित राशि, अर्थात, मूल बीमाधन का 125%, जो भी अधिक हो।

इस पॉलिसी में जोखिम तुरंत शुरू होगा।  देय मृत्यु लाभ, जीवन बीमाधारक की मौत की तिथि तक भुगतान किए गए कुल प्रीमियम के 105% से कम नहीं होगा। यहां वर्णित प्रीमियम में कोई भी कर, राइडर प्रीमियम और बीमांकन के कारण आयी अतिरिक्त प्रीमियम शामिल नहीं है।

3.2 विघमानता लाभ

पॉलिसी अवधि के दौरान बीमाधारक के एक निश्चित अवधि तक जीवित रहने पर मूल बीमाधन का एक निश्चित प्रतिशत विघमानता लाभ के रूप में देय होगा।  जीवन शिरोमणी में देय विघमानता लाभ नीचे दिए गए हैं:

जीवन शिरोमणि मे उपलब्ध विघमानता हितलाभ
जीवन शिरोमणि मे उपलब्ध विघमानता लाभ

3.3 परिपक्वता लाभ

पॉलिसी की अवधि पूरी होने के बाद  बीमाधारक को बीमाधन का शेष प्रतिशत (मूल बीमाधन से भुगतान किये गये विघमानता लाभ को हटा कर) के साथ गारंटी बोनस और सहभागिता लाभ, यदि कोई हो तो, देय होगा।

जीवन शिरोमणि मे उपलब्ध परिपक्वता हितलाभ
जीवन शिरोमणि मे उपलब्ध परिपक्वता लाभ

4. गंभीर बीमारी लाभ

जीवन शिरोमणि पॉलिसी में एक अंतर निर्मित गंभीर बीमारी लाभ है जिसमें 15 गंभीर बीमारियाँ कवर की गयी हैं। पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसी शर्तों में दी 15 गंभीर बीमारियों में  किसी भी बीमारी का रोग निर्धारण होने पर निम्नलिखित हितलाभ देय हैं:

एकमुश्त हितलाभ: पॉलिसी की शर्तों के अनुसार मूल बीमाधन  के 10% के बराबर लाभ देय होगा।

प्रीमियम को विलंबित करने का विकल्प: यदि इनबिल्ट गंभीर बीमारी लाभ का भुगतान बीमाकृत व्यक्ति को दिया जाता है तो बीमाधारक को प्रीमियम को 2 साल तक स्थगित करने का विकल्प होता है। इसके लिए ग्राहक से कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। उस अवधि के दौरान अगर कोई दावा देय होता है तो, उन्हें पॉलिसी शर्तों के अनुसार भुगतान किया जाएगा। अवधि के बाद सभी देय प्रीमियम का भुगतान करना होगा|

मेडिकल द्वितीय राय: गंभीर बीमारी के रोग निर्धारण पर,  बीमाधारक के पास एलआईसी द्वारा सूचीबद्ध चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से द्वितीय मेडिकल राय लेने का विकल्प होगा। बीमाधारक के पास किसी अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ से भी द्वितीय राय लेने का विकल्प होगा (एलआईसी द्वारा व्यवस्था के आधार पर)। यह सुविधा पॉलिसी अवधि के दौरान एक बार ही ली सकती है।

जीवन शिरोमणि में कवर की गयी गंभीर बीमारियाँ

  1. Cancer of specified severity
  2. Open chest CABG
  3. Myocardial infarction
  4. Kidney failure requiring regular dialysis
  5. Major organ/bone marrow transplant (as recipient)
  6. Stroke resulting in permanent symptoms
  7. Permanent paralysis of limbs
  8. Multiple sclerosis with persisting symptoms
  9. Aortic Surgery
  10. Primary (idiopathic) pulmonary hypertension
  11. Alzheimer’s disease/dementia
  12. Blindness
  13. Third-degree burns
  14. Open heart replacement or repair of heart valves
  15. Benign brain tumor

5. वैकल्पिक राइडर लाभ

जीवन शिरोमणि पॉलिसी में निम्नलिखित वैकल्पिक राइडर हितलाभ उपलब्ध हैं, बीमाधारक अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान कर राइडर हितलाभ विकल्प चुन सकते हैं।

5.1 एलआईसी का दुर्घटना एवं अपंगता लाभ राइडर (512B209V02)

अगर बीमाधारक मूल पॉलिसी को साथ इस राइडर विकल्प को लेता है तो दुर्घटना के कारण बीमाधारक की मृत्यु पर दुर्घटना राइडर बीमाधन के बराबर की राशि देय होगी। दुर्घटना के कारण हुई स्थायी अपंगता (दुर्घटना होने के 180 दिनों की भीतर) होने पर दुर्घटना राइडर बीमाधन के बराबर की राशि 10 वर्षों के लिये बराबर मासिक किश्तों में देय होगी। राइडर हितलाभ भुगतान होने के उपरांत भविष्य की समस्त राइडर प्रीमियम माफ हो जायेंगी, साथ ही दुर्घटना राइडर बीमाधन के बराबर मूल पॉलिसी के बीमाधन की प्रीमियम भी माफ कर दी जायेगी। दुर्घटना राइडर बीमाधन घटाने के बाद बची मूल पॉलिसी के बीमाधन की राशि की प्रीमियम बीमाधारक को भुगतान करना होगा। बीमाधारक इस राइडर को पॉलिसी अवधि के दौरान कभी भी ले सकता है बशर्ते कम से कम पाँच वर्ष की प्रीमियम देय अवधि शेष हो।

5.2 एलआईसी का दुर्घटना लाभ राइडर (512B203V03)

अगर बीमाधारक मूल पॉलिसी को साथ इस राइडर विकल्प को लेता है तो दुर्घटना के कारण बीमाधारक की मृत्यु (दुर्घटना होने के 180 दिनों की भीतर) पर दुर्घटना राइडर बीमाधन के बराबर की राशि देय होगी। बीमाधारक इस राइडर को पॉलिसी अवधि के दौरान कभी भी ले सकता है बशर्ते कम से कम पाँच वर्ष की प्रीमियम देय अवधि शेष हो।

5.3 एलआईसी का न्यु टर्म एश्योरेंस राइडर  (512B210V01)

एलआईसी का न्यु टर्म एश्योरेंस राइडर पॉलिसी के आरंभ में अतिरिक्त प्रीमियम के भुगतान पर उपलब्ध है। यदि इस राइडर को चुना गया है तो पॉलिसी अवधि के दौरान जीवन बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर एक अतिरिक्त राशि जो टर्म एश्योरेंस राइडर बीमाकृत राशि के बराबर, देय होगी, बशर्ते राइडर की बीमा सुरक्षा प्रभावी हो।

5.4  एलआईसी न्यु गंभीर बीमारी राइडर (512A212V01)

एलआईसी का न्यु गंभीर बीमारी राइडर पॉलिसी के आरंभ में अतिरिक्त प्रीमियम के भुगतान पर उपलब्ध है। यदि इस राइडर को चुना गया है तो पॉलिसी अवधि के दौरान जीवन बीमित व्यक्ति को राइडर में कवर की गयी किसी भी गंभीर बीमारी के होने पर गंभीर बीमारी राइडर बीमाकृत राशि के बराबर, देय होगी, बशर्ते राइडर की बीमा सुरक्षा प्रभावी हो।

6. मूल प्लान में उपलब्ध विकल्प

6.1 विघमानता हितलाभ (लाभों) को विलंबित करने का विकल्प:

पॉलिसी की देय तिथि को या उसके बाद लेकिन पॉलिसी के चालु रहने के दौरान पॉलिसीधारक के पास कभी भी विघमानता हितलाभ को प्राप्त करने का अधिकार होगा। अगर पॉलिसीधारक देय विघमानता हितलाभ को विलंबित करने का विकल्प चुनता है, तो एलआईसी द्वारा बढे हुए विघमानता हितलाभ (लाभों) का भुगतान किया जायेगा।

इन विकल्पों पर अलग से या सभी विघमानता लाभों पर अमल किया जा सकता है तथा इसकी सूचना लिखित रूप से देय तिथि से 6 महीने पहले एलआईसी के कार्यालय को देनी होगी।

6.2 सेटलमेंट ऑप्शन

सेटलमेंट ऑप्शन के जरिये नॉमिनी या बीमित मृत्यु दावे या परिपक्वता पर मिलने वाले हितलाभ को आवश्यकता अनुसार किश्तों में भी ले सकता है। नॉमिनी/ बीमा धारक के पास 5, 10 या 15 वर्षों की किश्त का विकल्प है एवं भुगतान मासिक, त्रैमासिक, अर्ध वार्षिक या वार्षिक किश्त के रूप में लिया जा सकता है, जिसके लिये नॉमिनी/ बीमा धारक को भुगतान पूर्व एल आई सी कार्यालय को लिखित आवेदन देना होगा।

भुगतान की विधि न्यूनतम किश्त राशि
मासिक रू. 5000
त्रैमासिक रू. 15000
अर्ध वार्षिक रू. 25000
वार्षिक रू. 50000

अगर  नॉमिनी/बीमा धारक चाहे तो कभी भी समय सेटलमेंट अवधि के दौरान लिखित आवेदन देकर बकाया राशि को एक मुश्त ले सकता है। सेटलमेंट मे किश्तों की गणना ले लिये ब्याज की दरें एल आई सी द्वारा समय समय पर घोषित की जायेंगी।

7. जीवन शिरोमणि पॉलिसी में उपलब्ध छूट

जीवन शिरोमणि पर उपलब्ध छूट
जीवन शिरोमणि पर उपलब्ध छूट

8.जीवन शिरोमणि पॉलिसी की अन्य शर्तें एवं विशेषताएँ

  1. ग्रेस पीरियड: वार्षिक, अर्ध वार्षिक एवं तिमाही प्रीमियम भुगतान विधि के लिये एक माह किंतु 30 दिनों से कम नहीं। मासिक प्रीमियम भुगतान विधि के लिये 15 दिन।
  2. चुकता मूल्य: पॉलिसी में अगर 1 वर्ष की पूर्ण प्रीमियम दी जा चुकी हो तो एक वर्ष पूर्ण हो गया हो तो पॉलिसी चुकता मुल्य प्राप्त कर लेगी।
  3. अभ्यर्पण: बीमाधारक पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसी को कभी भी अभ्यर्पित कर सकता है बशर्ते पॉलिसी में 1 वर्ष की पूर्ण प्रीमियम दी जा चुकी हो एवं एक वर्ष पूर्ण हो गया हो तो।
  4. लोन: पॉलिसी में एक वर्ष पश्चात एवं 1 वर्ष की पूर्ण प्रीमियम दी जा चुकी हो तो लोन सुविधा उपलब्ध है। लोन राशि पेड अप पॉलिसी में अभ्यर्पण मूल्य के 80% एवं चालू पॉलिसी में अभ्यर्पण मूल्य के 90% के बराबर होगी।
  5. बैक डेटिंग: पॉलिसी को एक वित्तीय वर्ष मे पिछली दिनाँक से लिया जा सकता है।
  6. फ्री लुक अवधि:पॉलिसी दस्तावेज मिलने के 15 दिनो तक।
  7. नोमिनेशन: पॉलिसी में इंसुरेंस एक्ट 1938 के सेक्शन 39 के अनुसार नोमिनेशन आवश्यक है।
  8. समानुदेशन: पॉलिसी में इंसुरेंस एक्ट 1938 के सेक्शन 38 के अनुसार समानुदेशन किया जा सकता है।
  9. पूनर्चलन: पॉलिसी को पहली अदत्त प्रीमियम (FUP) से 2 वर्षों के भीतर पूनर्चलित किया जा सकता है।
  10. जीवन शिरोमणि पॉलिसी में दी गयी प्रीमियम पर आयकर अधिनियम के सेक्शन 80सी के अंतर्गत आयकर पर छूट।
  11. परिपक्वता पर मिलने वाली राशि पर आयकर अधिनियम के सेक्शन 10(10)डी के अनुसार कोई आयकर देय नहीं है।

9. प्रीमियम चार्ट

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